शुक्रवार, 19 नवंबर 2021

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना

💠प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना💠

➡️संदर्भ:


‘आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति’ (Cabinet Committee on Economic Affairs) ने सड़कों और पुलों के निर्माण के शेषकार्यों को पूरा करने के लिए ‘प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना’-I और II को सितंबर, 2022 तक जारी रखने हेतु अपनी मंजूरी दे दी है।

समिति द्वारा ‘वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों’ (Left Wing Extremism) के लिए ‘सड़क संपर्क परियोजना’ को मार्च, 2023 तक जारी रखने के लिए भी मंजूरी दी गई है।

तीन योजनाओं के तहत परिकल्पित कार्यों को पूरा करने के लिए समय-सीमा बढ़ा दी गई है।

➡️आवश्यकता:


उत्तर-पूर्व और पर्वतीय राज्यों में कोविड लॉकडाउन, ज्यादा समय तक बारिश होने,सर्दी, वन संबंधी मुद्दों के कारण ‘प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना’-I (PMGSY-I) और ‘प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना’-II (PMGSY- II) के तहत के तहत अधिकांश कार्य लंबित हैं।

साथ ही, ये राज्य केंद्र सरकार से ग्रामीण अर्थव्यवस्था से संबंधित इन महत्वपूर्ण कार्यों को पूरा करने के लिए समय बढ़ाने का अनुरोध करते रहे हैं।

➡️‘प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना’ (PMGSY) के बारे में:


👉‘प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना’ (PMGSY), 25 दिसंबर, 2000 को लॉन्च की गयी थी।

👉उद्देश्य: सड़क मार्गो से बिना जुड़े हुए आवासीय क्षेत्रों को सभी मौसमों के अनुकूल सड़क कनेक्टिविटी प्रदान करना।

👉पात्रता: जनगणना-2001 के अनुसार, मैदानी क्षेत्रों में 500 से अधिक जनसंख्या वाली और उत्तर-पूर्व तथा हिमालयी राज्यों में 250 से अधिक जनसंख्या वाली सड़क से वंचित बस्तियां।

👉अनुदान: पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्यों में योजना के तहत स्वीकृत परियोजनाओं के संबंध में, केंद्र सरकार द्वारा परियोजना लागत का 90% वहन किया जाता है, जबकि अन्य राज्यों के लिए केंद्र सरकार लागत का 60% वहन करती है।

➡️प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना: चरण –I


PMGSY-I को दिसंबर, 2000 में 100% केंद्र प्रायोजित योजना के रूप में शुरू किया गया था।
योजना के तहत 1,35,436 बसावटों को सड़क संपर्क प्रदान करने और खेतों से बाजार तक संपर्क सुनिश्चित करने के लिए 3.68 लाख किमी मौजूदा ग्रामीण सड़कों के उन्नयन का लक्ष्य रखा गया था।

➡️प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना- चरण II:


बाद में, भारत सरकार द्वारा अपनी समग्र दक्षता में सुधार हेतु मौजूदा ग्रामीण सड़क नेटवर्क के 50,000 किलोमीटर का उन्नयन करने के लिए वर्ष 2013 में ‘प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना’- चरण II (PMGSY-II) शुरू किया गया।

हालाँकि, PMGSY – I के तहत भी कार्य जारी रहा, और ‘प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना’ के दूसरे चरण के तहत, ग्रामीण संपर्क के लिए पहले से ही बनाई गई सड़कों को ग्रामीण बुनियादी ढांचे को बढ़ाने के लिए अपग्रेड किए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया।

➡️चुनौतियां:


👉समर्पित धनराशि की कमी
👉पंचायती राज संस्थाओं की सीमित भागीदारी
👉अपर्याप्त निष्पादन और अनुबंध क्षमता
👉विशेष रूप से पहाड़ी राज्यों में ‘कामकाजी मौसम’ की कमी और दुर्गम इलाके
👉निर्माण सामग्री की कमी
👉‘वामपंथी उग्रवाद क्षेत्रों’ में सुरक्षा संबंधी चिंताएं

➡️‘वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों के लिए सड़क संपर्क परियोजना’:


👉इस योजना की शुरुआत वर्ष 2016 में की गयी।
👉इसके तहत, 9 राज्यों, अर्थात आंध्र प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, तेलंगाना और उत्तर प्रदेश के 44 जिलों में 11,725 ​​करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ सामरिक महत्व के 5,412 किलोमीटर लंबी सड़कों और 126 पुलों के निर्माण/उन्नयन का कार्य शुरू किया गया।
👉गृह मंत्रालय ने राज्यों और सुरक्षा बलों के परामर्श से इस योजना के तहत सड़कों और पुलों के कार्यों का चयन किया गया है।
👉योजना के तहत, सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण ‘अन्य जिला सड़कें’ (Other District Roads), ग्रामीण सड़कें (Village Roads) और मौजूदा प्रमुख जिला सड़कों (Major District Roads) का उन्नयन किया जाएगा।
👉इसके अलावा, सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण इन सड़कों पर 100 मीटर तक की लंबाई वाले पुलों को भी वित्त पोषित किया जाएगा।

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