रानी कमलापति
संदर्भ:
हाल ही में, भोपाल के हबीबगंज रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर ‘रानी कमलापति’ स्टेशन कर दिया गया है।
लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत से निजी भागीदारी के साथ इस स्टेशन का पुनर्विकास किया गया है। ‘सार्वजनिक-निजी भागीदारी’ मॉडल के तहत पिछले कुछ वर्षों के दौरान कराए गए कार्यों में, यह भारत में ‘स्टेशन पुनर्विकास’ क्षेत्र में इस तरह का पहला बड़ा कार्य है ।

‘रानी कमलापति’ कौन थी?
- ‘रानी कमलापति’ (Rani Kamlapati), 18वीं शताब्दी में ‘गोंड वंश’ के शासक ‘निज़ाम शाह’ की विधवा पत्नी थीं। भोपाल से 55 किमी दूर तत्कालीन गिन्नौरगढ़ रियासत पर इनका शासन था।
- अपने पति की हत्या के बाद, ‘रानी कमलापति’ अपने शासनकाल के दौरान हमलावरों का बहादुरी से सामना करने के लिए जानी जाती हैं।
- कमलापति “भोपाल की अंतिम हिंदू रानी” थीं। इन्होने अपने शासनकाल में जल प्रबंधन के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए तथा कई पार्कों और मंदिरों की स्थापना की।
‘गोंड’ कौन हैं?
गोंड (Gonds) भारत के सबसे बड़े आदिवासी समुदायों में से एक हैं। इस जनजातीय समुदाय के लोग मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, बिहार और ओडिशा में पाए जाते हैं।

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